इसरो के कुछ अन्य अंतरिक्ष उत्पाद

इन्‍सैट आधारित विपत्ति चेतावनी प्रेषित्र का प्रयोग बचाव कार्यों के लिए इन्‍सैट पर लगे यूएचएफ प्रेषानुकर के मार्फत आपात परिस्थितियों व उनकी स्थिति को केन्‍द्रीय हब स्‍टेशन को प्रेषित्र करने के लिए किया जाता है। इसे नावों अथवा अन्‍य वाहनों पर आसानी से लगाया जा सकता है।  आपात परिस्थितियों में प्रयोक्‍ता को केवल विपत्ति चेतावनी प्रेषित्र को चालू (ऑन) तथा उपयुक्‍त संदेश (जैसे कि नाव में आग लगी) के लिए चयन प्रणाली पर लगे तत्‍संबंधित बटन को दबाना होता है। विपत्ति चेतावनी प्रेषित्र इन संदेशों तथा जीपीएस द्वारा ज्ञात नाव की स्थिति को केन्‍द्रीय हब स्‍टेशन को प्रेषित कर देता है। इस संदेश को विपत्ति चेतावनी प्रेषित्र पहले पॉंच मिनटों के दौरान हर एक मिनट के अंतराल पर और फिर हर पाँच मिनट के अंतराल पर इसे ऑफ करने या फिर बैटरी में जान रहने तक दोहराता जाएगा। सभी प्रकार के जलयानों से आपात संदेश संचारित करने के लिए निर्मित यह प्रेषित्र मछुआरों के लिए विशेष उपयोगी है।

पॉलीयूरेथिन (पीयू) तकनीक को प्रक्षेपण वाहनों के रोधन (इंसुलेशन), अवमंदन, ध्‍वनिक संरक्षण तथा अन्‍य कम वजनी संरचनात्‍मक उपयोगों के लिए विकसित किया गया था। रॉकेट मोटरों के उपयोग के लिए विकसित पॉलीयूरेथिन फोम कृत्रिम पैर के रूप में एक अन्‍य फायदमंद पदार्थ में परिणत हो गया। इस पॉलीयूरेथिन पैर को सरकारी मेडिकल कॉलेज, तिरुवनंतपुरम के सहयोग से गहन पूर्वपरीक्षणों तथा सुधारों से गुजारा गया। बाद इसे सरकारी मेडिकल कॉलेज, तिरुवनंतपुरम के सहयोग से कई अंग विच्‍छेदित लोगों में सफलतापूर्वक लगाया गया। परम्‍परागत कृत्रिम पैर की तुलना में इसरो द्वारा विकसित पॉलीयूरेथिन पैर के कई फायदे हैं। इन कृत्रिम पैरों को अलग-अलग घनत्‍व वाले माइक्रोसैलिलुर इलास्‍टोमर के द्वारा बनाया जा सकता है। ये पैर असली जैसे दिखते हैं तथा ये कम वजनी, अधिक टिकाऊ, सुंदर, आरामदेह, फिसलन रोधी तथा बनाने में आसान होते हैं।  इन कृत्रिम पैरों का औसतन भार मात्र लगभग 500 ग्राम ही होता है। अंग विच्छेदित लोगों, विशेषत: देश के गरीब व जरूरतमंद इस निशुल्‍क कृत्रिम पैर प्रत्‍यारोपण से लाभान्वित होंगे।
 

व्‍यापक रूप से प्रयोग किए जा रहे इसरो उत्‍पादों में एक उत्‍पाद अग्नि शामक पाउडर भी है। ओलफेक्‍स अग्नि शामक पाउडर का प्रयोग ज्‍वलनशील द्रवों व गैसों के लिए तथा टेरनरी यूटेक्टिक क्‍लोराइड (टीईसी) पाउडर को धातुओं में लगी आग को काबू करने के लिए प्रयोग किया जाता है। ओलफेक्‍स यूरिया तथा पोटेशियम बाइकार्बोनेट का प्रतिक्रिया उत्‍पाद है तथा इसका इस्‍तेमाल तेल में लगी आग को बुझाने में होता है। टीईसी एक प्रभावी तथा कारगर शुष्‍क पाउडर है जो मैग्‍नीशियम, सोडियम, जिरकोनियम, एल्‍युमीनियम आदि जैसी अभिक्रियाशील धातुओं में लगी आग पर काबू पाने के लिए बिल्‍कुल उपयुक्‍त है। ओलफेक्‍स आयाति‍त अग्नि शामक पाउडरों के मुकाबले में किसी भी प्रकार से कम नहीं है। यह स्‍वदेशी पाउडर आग को बुझाने में तो जबरदस्‍त है ही पर जलरोधी प्रवाह गुण व लंबे समय तक संग्रहण के मामले में भी कमाल का है। कई सक्षम व स्‍वतंत्र एजेन्सियों द्वारा इन दोनों उत्‍पादों की प्रमाणिकता व्‍यापक रूप जांची व परखी गई है।

इसरो द्वारा विकसित पारस-3डी एक सामान्य उपयोगी प्रवाह विश्‍लेषण तथा अनुकारक सॉफ्टवेयर है। इसे स्‍ट्रैपऑन बूस्‍टरों से सज्जित संपूर्ण बहुपिंडीय प्रमोचन वाहन संरूपण प्रवाह तथा विमान के पंखों, मुख्‍य भाग व भंडारण आदि संबंधित अनुरूपण की बड़ी-बड़ी समस्‍याओं पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के कोडों का वैधीकरण इसे कई ऐसी प्रवाह अनुकारक समस्‍याओं पर लागू करके किया गया है, जिनके विंड टनल परीक्षण या अन्‍य स्‍थापित कोडों द्वारा संपादित संख्‍यात्‍मक अनुकारकों के परिणाम पहले से ही ज्ञात थे। इसे वांतरिक्ष क्षेत्र में कई व्‍यवहारिक समस्‍याओं पर सफलतापूर्वक लागू  किया गया है।
 
Search and Rescue Beacon is an affordable and technically advanced electronic device that helps to rescue people in distress through satellite communication. The beacon transmits encoded digital message that contains information about the beacon, such as its unique identification number, country where the beacon is registered etc. along with current location of the beacon. The beacon gets location information from Global Positioning System (GPS). Various search and rescue satellites under COSPAS-SARSAT network receive the transmitted signals. The messages are processed and retransmitted to different ground stations. These dedicated ground stations receive the message and alert the rescue centres nearest to the spot of accident. The rescue centre in turn initiates the rescue operations. The beacon can be used in sea, on difficult terrains on the land and in air by various groups of people.
 
हमारे देश में प्राकृतिक संसाधनों के विकास के लिए जीआईएस विश्‍लेषण व बिंब संसाधन हेतु स्‍वदेशी भौगोलिक सूचना प्रणाली सॉफ्टवेयर पैकेज (आईजीआईएस) का विकास किया गया। आईजीआईएस एक ऐसा समग्र भूमितिक अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर है जिसे एकल अथवा बहु-प्रयोक्‍ता मंचों पर प्रयोग किया जा सकता है तथा इसमें भौगोलिक सूचना प्रणाली व बिंब संसाधन तथा उन्‍हें जीपीएस द्वारा वास्‍तविक काल सूचनाओं के साथ संयोजित करने की भी व्‍यवस्‍था है। आईजीआईएस उपयोगों की सूची बड़ी लंबी है; जिसमें भौगोलिक सूचना प्रणाली, सुदूर संवेदन, बिंब संसाधन, 3डी मॉडलिंग, 3डी एनीमेशन तथा वास्‍तविक काल स्‍थानाधारित सेवाएं उल्‍लेखनीय है। यह सॉफ्टवेयर; जीआईएस, बिंब संसाधन विश्‍लेषण, भूभाग विश्‍लेषण, 3डी मॉडलिंग व न्‍यूरल नेटवर्क विश्‍लेषण द्वारा सभी संस्‍थानिक भूमितिक आवश्‍यकताओं की पूर्ति करता है।
 

इसरो द्वारा विकसित अनोखे स्‍वचालित मौसम केन्‍द्र को अत्‍यंत सुगठित, अनुकूल, मजबूत, शक्तिशाली अल्‍प लागत तंत्र के रूप में डिजाइन कर, एक सुवाह्य संतुलित पैकेज में समेटा गया है। स्‍वचालित मौसम केन्‍द्र में सुगठित आंकडा प्रेषक, आंकडा अभिलेखक (डाटा लॉगर), क्रॉसित यागी एन्‍टेना, जीपीएस, सौर पैनल तथा मौसम संवेदक यथा वायु तापमान, आपेक्षिक आर्दता, वायुमंडलीय दाब, पवन दिशा, पवन गति, सौर प्रकीर्णन, वर्षा मापी आदि लगे होते हैं। इन्‍सैट उपग्रह के पदचिह्नों के भीतर स्‍थापित सभी स्‍वचालित मौसम केन्‍द्र हर एक घंटे के अंतराल पर मौसमी आंकडे प्रेषित करते हैं। इन्‍सैट उपग्रह पर लगे हुए डीआरटी पर देश भर में फैली ऐसी 10,000 स्‍वचालित मौसम प्रणालियों को समायोजित करने की क्षमता है। स्‍वचालित मौसम केन्‍द्र, मौसम संबंधी तथा सामान्‍य अथवा अपेक्षित मौसम में किसी भी विसंगति की जानकारी तुरंत उपलब्‍ध कराते हैं।

ISRO developed High Silica Cloth - ISROSIL is being used by industries for insulation and thermal protection for non metallic bellows, wrapping for pipes, cables and hoses, vertical strip furnace curtains, seals and gaskets etc. This environmentally approved asbestos free material consists of amorphous Silica (Min 98% SiO2) with a melting point of 1650ºC. It provides high thermal, electrical and acoustic protection. This flexible textile product is available in various forms such as Fabrics, Tapes, Sleevings, Ropes and Threads etc. Fabrics are available in two thickness grades namely 0.75mm and 1.2mm. Product has been successfully used as thermal blankets in industries dealing with high temperature and corrosive applications. Digital Sound and Data Broadcasting Receiver As Digital Satellite Communication was developing during very fast during late 1990’s, there was need for digital sound and data broadcasting via satellite. The organizations like state governments, open universities, professional associations and industrial sectors were in need of data transfer from head office to their branches. The Digital Sound and Data Broadcasting (DSDB) system was developed by ISRO to meet the above requirements.
 

इसरो द्वारा विकसित डीटीएच आधारित आपदा चेतावनी वितरण तंत्र को बाढ़, भूकंप, सुनामी, चक्रवात, भूस्‍खलन, नागरिक उपद्रवों आदि के दौरान आपदा चेतावनी जारी करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। विभिन्‍न स्‍थानों पर लगाए गये अभिग्राहियों (रिसीवरों) को प्रेषी केन्‍द्र द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। इस तंत्र द्वारा सूचनाओं को डीटीएच द्वारा सीधे घरों को अथवा सामुदायिक केन्‍द्रों व सार्वजानिक स्‍थानों पर प्रसारित किया जा सकता है। चेतावनी जारी करने वाला स्‍टेशन किसी विशिष्‍ट अभिग्राही या विभिन्‍न स्‍थानों पर लगाए गए अभिग्राहियों के समूहों को एक साथ प्रसारण के लिए चुन सकता हैं। ग्राही में विशेष तौर डिजाइन किए गये हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर युक्‍त एक सैट टॉप बॉक्‍स शामिल होता है। इस प्रौद्योगिकी को चक्रवात, भूकंप, भूस्‍खलन, बाढ़ तथा नागरिक उपद्रवों जैसी आपात परिस्थितियों के दौरान एजेंसियों द्वारा जारी आपदा चेतावनियों को प्रसारित करने के अलावा निशुल्‍क प्रसारित चैनलों पर मनोरंजक कार्यक्रम देखने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।

Slip-ring is an electro mechanical interfacing unit for transfer of electrical information such as power, control/data, video/digital data between a stationary and rotating part. ISRO has successfully developed different types of cost effective slip rings such as Miniature instrumental slip rings used in rotary instruments, rotary test equipments, spin tables, aircraft cockpits, vehicle turrets, tanks etc; Pedestal slip rings used in tracking radar and launchers and VHF Slip rings used for video / digital data and star tracking. The technology allows for custom made slip rings with multiple channels and wide range of power, frequency, power speed and temperature with minimal signal loss.
 

पारिस्थितिकी तथा कृषि उत्‍पादकता मुख्‍यत: प्रकाश संश्‍लेषण (फोटोसिंथेसिस) की अनूठी प्रक्रिया पर आधारित होती है। जल तथा खनिज पोषकों का अभाव पौधों में तनाव के रूप में दिखाई देता है तथा उनकी पत्तियों में स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी लक्षणों में विशेष परिवर्तन नजर आने लगते हैं। उत्‍पादकता में कमी से निपटने के लिए इस समस्या का शीघ्र निदान जरूरी होता है। इसरो ने एक ऐसी अनुपम तथा सरल प्रणाली विकसित की है जिसके द्वारा स्‍वस्‍थाने (खेतों में ही) जल स्थिति का मापन तथा पत्तियों में पिगमैंट की मात्रा जॉंची जा सकती है। इसरो का फोटोमीटर एक सरल, वहनीय, बैटरी चालित उपकरण है जिसका भार मात्र 250 ग्राम तथा इसे दो 9 वोल्‍ट बैटरी से चलाया जा सकता है। इस फोटो मीटर द्वारा पत्तियों को बिना कोई नुकसान पहुँचाए खेतों में ही उनमें जल तथा क्‍लोरोफिल की मात्रा को प्रत्‍यक्ष रूप से मापा जा सकता है। इसरो द्वारा विकसित इस कृषि फोटो मीटर को सुदूर संवेदन "भू-तथ्‍य" समाहरण तथा ऑंकडों के अर्थ निर्वचन, शिक्षण, वनस्‍पति विज्ञान में अनुसंधान व तथ्य प्रदर्शन, कृषि, बागवानी तथा वानिकी संबंधी क्षेत्रों में प्रयोग किया जा सकता है।

इसरो द्वारा पेडक्‍लीन-ए नामक एक हस्‍त प्रक्षालन नुस्‍खा विकसित किया गया है। यह प्रक्षालन विधि पॉलिमरों, आसंजकों, तेल व ग्रीस व अन्‍य चिपचिपे पदार्थो के साथ काम करने वाले औद्योगिक व प्रयोगशाला कर्मियों के लिए बहुत उपयोगी है। प्रौद्योगिक विषविज्ञान अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ द्वारा पेडक्‍लीन का मूल्‍यांकन कर त्‍वचा रोधी क्रीम के रूप में इसके प्रयोग को सुरक्षित प्रमाणित किया गया है।

इसरो विकसित दाब ट्रॉंसड्यूसरों में अत्‍यधिक परिशुद्धता, कम भार, मजबूती के अलावा खराब वातावरण में भी सुचारु रूप से काम करने की क्षमता जैसी जबरदस्‍त विशेषताएं शामिल हैं। इसरो विकसित विभिन्न दाब ट्रॉंसड्यूसरों में अंतस्‍थ प्रवर्धक (बिल्‍ट इन एम्‍पलीफायर) व विभेदी (डिफरेंशियल) दाब ट्रॉसड्यूसर आदि लगाए जाते हैं। इसरो ने 600 से1000 एम बार क्षेत्र में करगर वायुमंडलीय दाब संवेदक का भी विकास किया है। अंतस्‍थ डायफ्राम वाला यह संवेदक, वायुमंडल में परम दाब परिवर्तनों को मापने के लिए डिजाइन किया गया है। यह संवेदक एडब्‍ल्‍यूएस संबंधित सुदूर फील्‍ड कार्यों के लिए बिल्‍कुल उपयुक्‍त है। ये संवेदक बेहद मजबूत और भारतीय बाजारों में इस समय उपलब्‍ध आयातित संवेदकों के मुकाबले में किसी भी तरह से कम नहीं हैं।

The ISRO developed Ultrasonic Liquid Level Sensor finds a wide range of applications in industries as well as for special purposes. The sensor is designed for sensing the presence of any liquid(s). The standard sensor is typically integrated with the sensing element called the sensor head and electrically connected to a 5 pin Lemo electrical connector. The sensing element has a Piezo electric Ceramic Disk on each side of the sensing gap. The advantages of this invention are no moving parts , no sparking, low voltage application, fully EB welded and hermitically sealed, qualified for aerospace, shock and vibration resistance etc. The sensor find applications in monitoring the level and depletion of any liquid including corrosive and hazardous liquid, oceanography, pressure vessels, Hydraulic plant and systems etc.
 

तरल नाइट्रोजन, तरल ऑक्‍सीजन, तरल हाइड्रोजन तथा तरल हीलियम जैसे क्रायोजेनिक द्रवों का विमानन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा वैज्ञानिक अनुसंधानों में काफी प्रयोग होता है। इसरो ने भारतीय विज्ञान संस्‍थान के सहयोग से एक नया तंतु प्रकाशिकी द्रव स्‍तर संसूचक का विकास किया है जिसे अनेक उद्योगों का व्‍यवसायों में प्रयोग किया जा सकेगा। इसमें एक खोखले प्रिज्म का प्रयोग होता है। जिसमें दो परावैद्युत घटकों के बीच रिसावमुक्त खोखली जगह होती है। द्रव के संपर्क में आए बिना तंतु प्रकाशिकी उपकरण संसूचक द्वारा द्रव के स्‍तर को तेज गति से जांचता है।

आशा है कि इस तकनीक को क्रायो प्रणाली की विशाल टंकियों ईंधन व ऑक्‍सीकारक को मापने, पैट्रो रसायनों तथा कठोर द्रव्‍यों को संग्रहण व बड़ी मात्रा में दुलाई के दौरान संभालने, विभिन्‍न आकार की टंकियों (एलपीजी की दुलाई) में बचे हुए ईंधन की मात्रा को अधिक परिशुद्धता से जांचने आदि के लिए एक सम्मिलित उपकरण (बिल्‍ट इन डिवाइस) के रूप में, तथा उच्‍च प्रवाह दर पर टंकियों को भरने या खाली करने के दौरान द्रव्‍यों के विश्‍वसनीय परिमाणात्‍मक मानीटरन के लिए प्रयुक्‍त किया जा सकेगा।

युगल ध्रुवण लिडार (डीपीएल)

उद्योगों व वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण वायुवाहित कणों (एरोसॉल) में हो रही वृद्धि मानव स्‍वास्‍थ्‍य व भूमण्‍डलीय तापमान वृद्धि के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बन रहा है। इसरो द्वारा विकसित छोटा सा सुगठित डीपीएल धरती की जलवायु तथा हवा की गुणवत्‍ता को प्रभावित करने वाले एरोसॉल कणों तथा मेघों की उपस्थिति के बाबत अंतर्दृष्टि उपलब्‍ध कराता है। डीपीएल एक स्‍वतंत्र लिडार तंत्र है, जिसमें एक स्‍पंदक लेजर प्रेषी एक अभिग्राही टेलिस्‍कोप, प्रकाशिकी, युगत संसूचक (ड्यूल डिटेक्‍टर), संकेत अंकीकारक, कालमापन व विद्युत आपूर्ति तथा नियंत्रण व आंकड़ों के रिकार्ड करने के लिए कंप्‍यूटर शामिल होता है। लिडार तंत्र में द्वि अक्षीय संरूपण प्रयुक्‍त होता है। डीपीएल को गैस पाइपलाइनों / औद्योगिक क्षेत्रों में गैस रिसाव / प्रदूषक उत्‍सर्जन की क्षैतिज दिशा में उपस्थिति व व्‍याप्ति का पता लगाने, हवाई अड्डों पर विमानों के उड़ने व उतरने के दौरान तिरछे दृष्टि पथ की दिशा में दृश्‍यता का निर्धारण करने, विमान की उड़ान के दौरान हिममेघ क्षेत्र को पहचानने में पायलट की सहायता कर   विमान के पंखों को हिमजमाव से सुरक्षित रखने आदि जैसे सामाजिक व व्‍यावसायिक कार्यों में प्रयोगों किया जा सकता है।

मौसम के पूर्वानुमान तथा मौसमविज्ञानीय लक्षणों के अध्ययन में वायु वेग रूपरेखा का अवलोकन अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण होता है। वायुमंडलीय पवन परिदृश्‍यक (आरडब्‍ल्‍यूपी) वास्तव में सुसंगत स्पंदी डाप्‍लर रडार है। यह ऐसा सुदूर संवेदन उपकरण है, जो मौसमी परिस्थितियों से प्रभावित हए बिना वायु वेग वैक्टर के तीनों घटकों की ऊंचाई से संबंधित परिदृश्यों, यथा उच्‍चकाल व ऊंचाई विभेदन युक्त उर्ध्‍वाधर वेग के अवलोकन में बहुत कारगर है। इसरो द्वारा विकसित निम्‍न वायुमंडलीय पवन परिदृश्यक (एलएडब्‍ल्‍यूपी) निम्‍न वायुमंडलीय (5 कि.मी. की ऊँचाई तक) पवन गतिकी अध्‍ययन के लिए ऑंकडे प्रदान करता है। वायुमंडलीय सीमा परत (एबीएल) गतिकी (वात विक्षोभ संरचना), मौसमी तथा अन्तर-वर्षिक परिवर्तन, वार्षिक परिवर्तनों के मध्‍य सहक्रिया, एवीएल तथा मुक्‍त वायुमंडल के मध्‍य सहक्रिया, वर्षापात संबंधी उर्ध्‍वाधर परिदृश्‍य, दीप्त बैंड विशेषताएं (ब्राइट बैंड केरेक्‍टराइजेशन), गल रही परतों की ऊँचाई का मानीटरन व जल-मौसम (हाइड्रोमीट्योर) का ऊर्ध्‍वाधर विस्‍तार, वर्षा/मेघबूंदों के आकार वितरण आदि जैसे अनुसंधान अध्‍ययनों के लिए आरएडब्‍ल्‍यूपी रडार एक सक्षम उपकरण है।

इसके कुछ कारगर उपयोगों में बेहतर अल्‍पावधि पुर्वानुमान, संख्‍यात्‍मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल, वायु प्रदूषण, नागर विमानन व उडान नियोजन, वायुमंडलीय वाहिकाएं (डक्‍ट), वायु प्रदूषण पूर्वानुमान, वात अपघर्षण मानीटरन, रेडियो एकॉस्टिक साऊंडिंग सिस्‍टम, (आरएएसएस) मोड में तापमान परिदृश्‍य आदि शामिल है।

यांत्रिक पैकेजों में परि‍शुद्ध टैपिंग के लिए परिशुद्ध टैपिंग उपकरण का उपयोग किया जाता है। यह उपकरण अत्यंत परि‍शुद्ध एम 1.2 तथा उससे भी अधिक अधिक परिशुद्ध स्‍क्रू की टैपिंग में उपयोगी है। इसकी मुख्‍य विशेषताओं में  अकुशल कामगार द्वारा भी टैपिंग उपकरण को तोड़े या फंसाए बिना अति परिशुद्ध एम 1.2 तथा उससे भी बेहतर स्‍क्रू की लंबवत व समुचित गहराई तक सटीक, दक्ष व परिशुद्ध टैपिंक कर पाना तथा उत्‍पादकता में वृद्धि शामिल है।
 
इसरो द्वारा समुद्री तथा मीठे जल से संबंधित अनुप्रयोगों के लिए एक प्रकाश संश्‍लेषण किरणता ऊष्‍मायित्र (फोटोसिन्‍थेट्रॉन) का डिजाइन व विकास किया गया है। इसे समुद्री पादपप्‍लवकों के अतिसूक्ष्‍म प्रकाश संश्‍लेषण दर प्राचलों (पीआई) को मापने के लिए प्रयोग किया जाता है। सुदूर संवेदन के प्रयोग द्वारा समुद्री प्राथमिक उत्‍पादकता के आकलन में पीआई प्राचल एक महत्‍वपूर्ण घटक होते हैं। फोटोसिन्‍थेट्रॉन के प्रमुख अंग मुख्‍य ऊष्‍मायित्र कोष्‍ठ, स्‍त्रोत लैंप, लैंप धारक कोष्‍ठ, चल रैक पर चपटी आयताकार बोतलें, तापमान संवेदक, निमज्‍जनी (सबमर्सिबल) पंप, मोटर तथा गियर बॉक्‍स होते हैं। समुद्री व महासागरीय अनुसंधान, विशेषकर पादपप्‍लवकों की प्राथमिक उत्‍पादकता तथा मत्‍स्‍यविज्ञान संबंधित सभी प्रयोगशालाएं, अनुसंधान संस्‍थान व विश्‍वविद्यालय इस आविष्‍कार को बहुत उपयोगी पाएंगे।
 
इसरो द्वारा विकसित भू-वेधन रडार (जीपीआर) उच्‍च विभेदन विद्युतचुंबकीय बिंबन तकनीक है जो विद्युतचुंबकीय तरंगों के प्रकीर्णन के सिद्धांत पर भूमि के नीचे दबी हुई चीजों का पता लगाने का काम करती है। इसे मुख्‍यत: पृथ्‍वी या ग्रहीय सतहों के नीचे छिपे लक्षणों की जांच पड़ताल के लिए प्रयोग किया जाता है। भू-वेधन रडार पर्यावरणीय, इंजीनियरी, पुरातत्‍व व अन्‍य उथले अनुसंधानों के लिए उपयोगी है। एक विस्‍तृत बैंड एन्‍टेना द्वारा भू-वेधन रडार धरती की ओर उच्‍च आवृत्ति तरंगों को प्रसारित करता है।  वे प्रसारित संकेत जब धरती में प्रवेश कर विभिन्‍न विद्युत तथा पराविद्युत लक्षणों से युक्‍त वस्‍तुओं या माध्‍यमों से टकराते हैं तो इन संकेतों का कुछ अंश परावर्तित हो जाता है। इस परावर्तित ऊर्जा को ग्राही एन्‍टेना द्वारा अर्जित कर लिया जाता है। धरती की सतह के नीचे छिपे लक्ष्‍यों की पहचान के लिए भू-वेधन रडार कई कारकों पर आश्रित होता है जिनमें विद्युतचुंबकीय विकिरण का धरती के साथ सही संयोजन, धरती के भीतर लक्ष्‍य की गहराई के तक वि‍कीरण के पर्याप्‍त वेधन तथा धरती में दबी वस्‍तुओं व अन्‍य परावैद्युत विविधताओं द्वारा पर्याप्‍त पश्‍च प्रकीर्णित संकेत शामिल हैं।
 

इसरो द्वारा अपने निजी प्रयोग के लिए कई आसंजकों का विकास किया गया है। इनमें संरचनात्‍मक तथा असंरचनात्‍मक दोनों ही शामिल हैं। विकसित असंरचनात्‍मक आसंजकों में सिलिकोन आधारित, पोलीयूरेथीन इलास्‍टोमार्क तथा एकरेलिक आधारित असंजकों के नाम गिनाए जा सकते हैं। विकसित संरचात्‍मक आसंजकों के एपोक्‍सी रेजिन, फिनॉल आधारित तथा रबड़ आधारित आसंजक शामिल हैं। इन आसंजकों को ऑटोमोबाइल व अन्‍य इंजीनियरी उद्योगों में अनेक कामों के लिए तथा अनेक प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। ऑटोमोबाइल उद्योग में जोड़ने, फिक्‍स करने तथा सील करने के लिए आसंजकों का प्रयोग दिनों-दिन उनके अर्न्‍तनिहित गुणों के कारण बढ़ता जा रहा है। आसंजकों के प्रयोग द्वारा प्राप्त कुछ मुख्‍य लाभों में बोझ का समान वितरण, भार में कमी, शोर तथा कंपन में कमी, जंग से बचाव, अलग-अलग धातुओं व पदार्थों के जोड़ों को सील करने, बल के अधिक वितरण तथा सुरुचिपूर्ण दिखावट आदि शामिल हैं।

खराब जोड़ों, दरारों, आंतरिक दरारों, कमजोरियों, विकृतियों तथा टूट-फूटों का पता लगाने के लिए डिजिटल होलोग्राफीय परीक्षण यंत्र एक प्रभावी व अविनाशी परीक्षण उपस्‍कर है। इस उपस्‍कर में होलोग्राफीय परीक्षण सॉफ्टवेयर द्वारा कंप्‍यूटर के मॉनीटर पर सीधे (ऑन लाइन) उपांत प्रतिरूप (फ्रिंज पैटर्न) प्रदर्शित करने की क्षमता है। यह तंत्र वास्‍तविक काल में डिजीटल होलोग्राम तैयार व प्रदर्शित करता है। यह उपस्‍कर वास्‍तविक काल में संसाधन कर डिजीटल व्‍यतिकरण लेख (इंटरफेरोग्राम) तथा आरुपण लेख (शिअरोग्राम) प्रदर्शित करता है तथा इसे विशाल आकार की संरचनाओं के अविनाशी परिक्षण के लिए कहीं भी ले जाया सकता है।
 
पोलीएरामिड द्वारा मजबूत बनाए गए प्‍लास्टिक का प्रमोचन वाहन अनुप्रयोगों में पसंदीदा (प्रमुख) कंपोजिट के रूप में इस्‍तेमाल होता है।  इसरो द्वारा विकसित की गई कंपोजिट तकनीक एक्रमिड, लाभ कमाने का एक अन्‍य जरिया सिद्ध हुई है। एक्रमिड कंपोजिट तकनीक आधारित कृत्रिम दंत पदार्थ है। एक्रमिड पोली एरामिड तंतुओं तथा पोलीमिथाइल-मिथाक्रलेट रेजिन का कंपोजिट (मिश्रण) होता है।  एक्रमिट का प्रयोग दॉंत के खराब हो जाने के बाद नकलीदॉंत बनाने के लिए किया जाता है।  वर्तमान में इस काम के लिए सोना, चांदी तथा सिरेमिक वाले मिश्र धातुओं का प्रयोग किया जाता है।  इन पदार्थों से दांत बनाने के लिए जटिल उपस्‍करों की जरूरत पड़ती है। इन धातुओं, मिश्र धातुओं तथा सिरेमिक के लिए एक्रमिड एक बेहतर व सुविधाजनक विकल्‍प है। महीन दरारों को रोकने के लिए इसे छोटे तंतुओं द्वारा मजबूत बनाया जाता है और भोजन चबाने के बोझ को सहने के लिए इसे लंबाई की तरफ से मजबूत किया जाता है।  इस पर किए गए विषाक्‍त तत्‍व तथा जैव सुसंहता परीक्षणों में किसी भी प्रकार के दुष्‍प्रभाव नहीं पाए गए हैं।  नैदानिक परीक्षणों से सिद्ध हुआ कि ये नकली दॉंत कई वर्षों तक सफलतापूर्वक काम करते रहेंगे। इन पर किए गए यांत्रिक बोझ संबंधित परीक्षणों ने सिद्ध हुआ कि ये अत्यधिक सुरक्षित हैं।  एक्रमिड के जिन फायदों को गिनाया जा सकता है उनमें सोने के मूल्‍य का मात्र 5% होना, मिलते-जुलते रंग के कारण अधिक सुंदर होना, कम वजनदार व आसानी से बनाया जा सकना, कम से कम प्रयोगशाला उपस्‍करों की जरूरत तथा मरम्‍मत में आसान होना आदि शामिल हैं।  एक्रमेड दंत का निर्माण की प्रक्रिया में कीमती उपस्‍करों की जरूरत नही होती।  इन्‍हें स्‍थायी दॉंतों की जगह पुन: प्रस्‍थापित करने के लिए एक सस्‍ते विकल्‍प के रूप में प्रयुक्‍त किया जा सकता है।
 

डॉप्‍लर मौसम रडार; इसरो द्वारा महत्‍वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में स्‍वावलंबन की दिशा में तैयार किए गए स्‍वदेशी डिजाइन व विकास कार्यों का नतीजा है और यह इसरो द्वारा अर्जित ज्ञानाधार के प्रयोग से संभव हुआ है। डॉप्‍लर मौसम रडार परिशुद्ध अग्रिम चेतावनी प्रदान कर प्रचंड मौसम जनित प्राकृतिक आपदाओं में जानमाल की हिफाजत के लिए पर्याप्‍त समय उपलब्‍ध कराता है।  डॉप्‍लर मौसम रडार को निगरानी मोड में दक्षिणवर्ती अथवा वामवर्ती दिशा में निरंतर स्‍कैन करने के लिए संचालित किया जाता है।  इसमें रडार नियंत्रक द्वारा अपेक्षित परास, परास विभेदन, एन्‍टेना स्‍केन दर, परास द्वारों की संख्‍या आदि नियत किए जाते हैं। डॉप्‍लर मौसम रडार की प्रमुख विशेषताओं में चक्रवातों की प्रबलता व अरीय वेग, क्षेत्रीय वर्षा तथा जलभराव संबंधित परिमाणात्‍मक सूचनाएं प्रदान कर चक्रवात की चेतावनी जारी करने तथा उपचारी कदम उठाने के लिए पर्याप्‍त समय उपलब्‍ध कराना, संकट की आशंका वाले इलाके की सटीक पहचान कराना, आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी जारी करने के लिए मध्‍यक्रम पैमाने पर वर्षा का परिशुद्ध आकलन तथा गरजदार तूफान, ओला वृष्टि, ज्‍वरीय लहरों, पवन प्रक्षोभ व अपरूपण, तूफान परिस्थितियों की बेहतर समझ व पूर्वानुमान शामिल हैं।

इसरो द्वारा एक फैंटम नेटवर्क टगल यंत्रावली का विकास किया गया है। यह तंत्र संगठन के नेटवर्क, तीसरी पार्टी के नेटवर्क अर्थात इंटरनेट, अंतस्‍थ आंकडा संग्रह (डाटा स्‍टोरेज) युक्‍त फैंटम सर्वर तथा एक टगल यंत्रावली से बना होता है जो संगठन के नेटवर्क को तीसरी पार्टी के नेटवर्क से अलग रखता है। इस तंत्र द्वारा संगठन के नेटवर्क तथा तीसरी पार्टी के नेटवर्क के मध्‍य आंकडों का सुरक्षित आदान प्रदान हो सकता है। इसमें पी सी समानंतर अंतरापृष्‍ठ (इन्‍टरफेस) द्वारा नेटवर्क का टगल नियंत्रित होता है। यह यंत्रावली संगठनों के लिए बहुत ही उपयोगी है। इसके द्वारा संस्‍था के इन्‍टरनेट से जुड़े प्रयोक्‍ता इन्‍टरानेट को इन्‍टरनेट से जोड़े बिना बाहरी लोगों को ईमेल भेज सकते हैं। फैंटम संपर्क मॉडल में प्रयोक्‍ता इन्‍टरनेट से डाउनलोड आंकडों को अपने इन्‍ट्रानेट पर उन दोनों के जोडे बिना कॉपी कर सकते हैं। इसकी कुछ विशेषताओं में कम लागत, सदैव उपलब्‍धता, उच्‍च गति (100/1000 एमबीपीएस) आंकडा अंतरण, अधिक विश्‍वसनीय, सुरक्षित तथा पूर्णत: स्‍वचालित, जनता व संगठन के नेटवर्क के बीच ई-मेलों का आदान-प्रदान तथा इन्‍टरनेट (अथवा किसी अन्‍य नेटवर्क) से संगठन के नेटवर्क पर उन दोनों को बिना जोडे फाइलों को डाउन लोड किया जा सकना आदि उल्लेखनीय हैं। इसके द्वारा कम क्‍लाइन्‍ट आधार वाले संगठनों के नेटवर्क पर प्रयोक्‍ताओं की आंकडा डाउनलोड आवश्यक्ताओं से समझौता किए बिना, इन्‍टरनेट पर सरफिंग को बेहतर बनाया जा सकता है।

Q-Pad is menu driven mobile GIS-GPS software and allows access and manipulation of GIS data in field using Pocket PC. Real time integration of GPS data with GIS layer and overlay of GPS, GIS and remote sensing data is made easy through Q-Pad. Useful for in-situ data collection, field level disaster damage assessment and GPS data collection.
 
ISRO has developed a novel Vibration Management Solution. The system is based on wire rope mounts that provide inherent damping by virtue of relative motion between wire strands. Delicate electronic and optical systems vulnerable to vibration and shock can be protected using this system. The system is ideal for solving vibration and shock difficulties encountered during transportation in space and ground environment. Wire rope isolators accommodate large deflections without danger of bottoming and plastically deforming, thereby offering wide range of isolation for variety of applications.
 
अनेक चुनौतीपूर्ण अनुप्रयोगों में बिना कोई धोल लगाए या उसके आकार से छेड़-छाड़ किए परिपूर्ण सतह पर परिष्‍कृत अपघर्षण (घिसाई) के लिए एक बहु उपयोगी, लचीले, सरल व मूल्‍य प्रभावी विधि का विकास ही सही उपाय है।  इस नए तरीके में आसान रास्ता  विकसित किया गया है, जिसमें इच्छानुसार तैयार की जा सकने वाली सरल व्‍यवस्‍था की सहायता से विभिन्‍न प्रकार की सतहों तथा पदार्थों की परिष्‍कृत परिपूर्णता के लिए छोटे-बड़े आकार के लचीले चुंबकीय गोलों को तैयार किया जाता है।