जाीएसएलवी एमके-।।।

प्रक्षेपण वाहन के विषय में

एलवीएम 3 इसरो द्वारा विकसित किया जा रहा उच्च प्रमोचन क्षमता का प्रमोचक है । इसके द्वारा भारत 4 टन श्रेणी के भू-तुल्यकाली उपग्रहों को कक्षा में भेज पाएगा तथा उपग्रह प्रक्षेपण के मामले में पूर्णत: आत्मनिर्भर हो जाएगा । एलवीएम 3 में जीएसएलवी की तुलना में अधिक क्षमता वाला भारत में बना क्रायोजनिक चरण लगा होगा । एलवीएम 3 की पहली परीक्षण उड़ान, एलवीएम 3 - एक्स/सीएआरई मिशन ने श्रीहरिकोटा से दिसम्बर 18, 2014 को उड़ान भरी तथा उड़ान के वायुमंडलीय चरण का सफल परीक्षण किया । इस उड़ान में क्रियू माड्यूल एटमोस्फीयरिक रिएंट्री परीक्षण भी किया गया । माड्यूल ने योजना के अनुसार पुन: प्रवेश किया, अपने पैराशूटों को खोला और बंगाल की खड़ी में छलांग लगा दी । p>

वाहन की विशेषताएं

ऊंचाई: 43.43 मी.
वाहन का व्यास : 4.0 मी.
ताप कवच का व्यास : 5.0 मी.
चरणों की संख्या : 3
उत्थापन द्रव्यमान : 640 टन
The payload for LVM3 is accommodated in the composite payload fairing which has a diameter of 5 m, and has a volume of 110 m3. For CARE, the crew module was positioned on the payload adaptor in an inverted position to ensure favourable reentry attitude.
C25 stage is newly developed, totally indigenous upper stage of LVM3. This is the terminal stage of the vehicle loaded with 27 tons of propellants (LOX & LH2) and powered by a 186 kN (nominal) thrust engine (CE20) working on gas generator cycle with independent turbines running LH2 & LOX pumps. The stage has an overall diameter of 4 m and length of 13.5 m. Though the configuration of the stage draws experience from CUS stage of GSLV significant functional and operational changes are adopted in C25 stage. A passive C25 stage was used in the LVM3-X flight.
L110 stage is the core stage of LVM3 with twin engine configuration to generate a combined thrust of 1598 kN for 200 sec duration. Powered by two Vikas engines, the core stage of LVM3 will be the powerhouse of the launch vehicle as it will propel the vehicle through the atmospheric phase of its flight.
The first stage of LVM3 is powered by two strap-on solid boosters with 207 tons of propellant loading and delivering a combined initial thrust of 950 tons. S200 is the biggest solid booster developed by ISRO and is the fourth largest in the world.

तकनीकी विवरण

भू-स्थिर अंतरण कक्षा के लिए नीतभार : 4,000 कि.ग्रा.

एल.वी.एम.-3 4 टन श्रेणी के जीसैट उपग्रहों को भू-स्थिर अंतरण कक्षा में भेजने में सक्षम होगा।

निम्न पृथ्वी कक्षा के लिए नीतभार : 8,000 कि.ग्रा.

एल.वी.एम.3 का शक्तिशाली क्रायोजनिक चरण भारी नीतभारों को 600 कि.मी. ऊँचाई पर स्थापित करने में सक्षम होगा ।

क्रायोजनिक ऊपरी चरण : सी-25

सी.ई.20 द्वारा शक्तिपोषित सी-25 भारत का सबसे बड़ा क्रायोजनिक इंजन है, जिसे इसरो के तिरुवनंतपुरम स्थित तरल नोदन प्रणाली केन्द्र, द्वारा विकसित किया गया है ।

Cryo Stage Height: 13.5 m
Cryo Stage Diameter: 4.0 m
Engine: CE-20
ईंधन: 27 tonnes of LOX + LH2
Thrust: 186 kN

ठोस रॉकेट बूस्टर : एस-200

एल.वी.एम. 3 में दो एस-200 ठोस रॉकेट बूस्टर लगे होते हैं जो उड़ान के लिए आवश्यक प्रचंड प्रणोद उपलब्ध कराते हैं ।

बूस्टर की ऊंचाई: 25 मी
बूस्टर का व्यास: 3.2 मी
ईंधन: 207 टन एच.टी.पी.बी. (नामीय)
प्रणोद: 9316 kN
निर्वात Isp: 274.5 से
ज्वलन काल: 130 से

मुख्य (कोर) चरण : एल.110 तरल चरण

एल.110 तरल चरण दो विकास इंजनों द्वारा शक्तिपोषित होता है, जिसे तरल नोदन प्रणाली केन्द्र द्वारा विकसित किया गया ।

चरण की ऊंचाई: 17 मी
चरण का व्यास: 4 मी
इंजन: 2 x विकास
ईंधन: 110 110 टन यू.डी.एम.एच. + N2O4
प्रणोद: 1598 kN
निर्वात Isp: 293 sec
ज्वलन काल: 200 से