भारत की अंतरिक्ष नीति

यह मानते हुए कि सुदूर संवेदन आँकड़ा अत्यावश्यक तथा क्रांतिक प्राकृतिक संसाधन सूचना प्रदान करता है - जो भिन्न-भिन्न स्तरों पर विकासात्मक क्रियाकलापों के लिए निवेश है और समाज के हित में भी है;

 यह नोट करते हुए कि बडी संख्या में प्रयोक्ता - सरकार के आंतरिक तथा बाह्य दोनों विविध विकासात्मक उपयोगों हेतु भारतीय तथा विदेशी सुदूर संवेदन उपग्रहों से प्राप्त सुदूर संवेदन आँकडों का उपयोग करते हैं;

 विदेशी तथा वाणिज्यिक सुदूर संवेदन उपग्रहों से अति उच्च-विभेदन प्रतिबिंबों की हाल में उपलब्धता पर विचार करते हुए और इन उपग्रहों से भारत में आँकडा अर्जन का वितरण करने हेतु सही और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता को नोट करते हुए;

 यह पहचानते हुए कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और यह कि देश की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व देना आवश्यक है;

 भारत सरकार सुदूर संवेदन आँकडा नीति (आर.एस.डी.पी.) - 2011 का अनुपालन करती है, जिसमें विकासात्मक क्रियाकलापों की सहायता में सुदूर संवेदन आँकडों के अर्जन/ विकीर्णन का प्रबंधन और/ अथवा की अनुमति देने के लिए निश्चयमात्रा निहित है।

 भारत सरकार का अन्तरिक्ष विभाग (अं.वि.), जब तक अन्यथा न कहा गया हो, इस नीति के अधीन सभी कार्यों के लिए नोडल एजेन्सी होगा।

 1.भारत से एक सुदूर संवेदन उपग्रह का प्रचालन करने हेतु नोडल एजेन्सी के जरिए सरकार का लाईसेन्स और/ अथवा अनुमति आवश्यक होगी ।

 क. राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और "लोक हित" के रूप में, सरकार अपने निजी सुदूर संवेदन उपग्रह (आई.आर.एस.) कार्यक्रम से निरंतर/ सुधारशील प्रेक्षण/ प्रतिबिंबन क्षमता का आश्वासन देती है।

 ख. भारत सरकार, नोडल एजेन्सी के जरिए, आई.आर.एस. से प्राप्त संग्रहित/ अभिग्रहित सभी आँकडों की एक मात्र तथा विशिष्ट स्वामी होगी। सभी प्रयोक्ताओं को उक्त आँकडे उपयोग करने और उपग्रह आँकडों को मूल्यवर्धित करने हेतु एक ही लाईसेन्स प्रदान किया जाएगा।

ग. जब सरकार की यह राय हो कि राष्ट्रीय सुरक्षा और/अथवा अन्तर्राष्ट्रीय दायित्व और/ अथवा सरकार की विदेश नीति की यह अपेक्षा हो तब आई.आर.एस. अथवा अन्य किसी भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह से प्राप्त आँकडों के प्रतिबिंबन कार्य तथा वितरण पर सरकार नियंत्रण लागू करने का अधिकार रखती है।

2.भारत में सुदूर संवेदन आँकडों के अर्जन/ वितरण हेतु, नोडल एजेन्सी के जरिए भारत सरकार से लाईसेन्स/ अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।

 क.सरकार भारत में उपग्रह सुदूर संवेदन आँकडों के अर्जन/वितरण हेतु एजेन्सी का चयन करने और अनुमति देने का अधिकार रखती है। ऐसे आँकडों के वितरण हेतु लाईसेन्स/ अनुमति प्रदान करने हेतु प्रक्रिया निर्धारित करने और आवश्यक शुल्क लागू करने के लिए अं.वि. सक्षम है।

 ख.देश की विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने हेतु अं.वि. की राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्ग (एन.आर.एस.सी.) को भारतीय तथा विदेशी उपग्रहों दोनों से - भारत में सभी उपग्रह सुदूर संवेदन आँकडों के अर्जन और वितरण का अधिकार सौंपा गया है।

 एन.आर.एस.सी. के अभिग्रहण केन्द्ग की दृश्यता की परिधि में आई.आर.एस. से प्राप्त आँकडों के अर्जन/वितरण हेतु एन.आर.एस.सी. अं.वि. के साथ समुचित व्यवस्था तय करेगा।

 भारत में विदेशी उपग्रह आँकड़ों के अर्जन/वितरण हेतु विदेशी उपग्रह प्रचालकों के साथ करार तय करने के लिए एन.आर.एस.सी. एवं/एन्ट्रिक्स कार्पोरेशन लि. सक्षम होंगे।  परन्तु, एन.आर.एस.सी., एन्ट्रिक्स द्वारा सहमत शर्तों के अनुसार आँकडे वितरित करेगा।

 ग.एन.आर.एस.सी. सभी उपग्रहों के लिए आँकडों के सभी अर्जन/बिक्री के लिए एक व्यवस्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन आँकड़ा अभिसंग्रह तथा एक लॉग को रखेगा।

 3.भारत के अलावा अन्य देशों में उपयोग हेतु आई.आर.एस. आँकडों के अर्जन/वितरण हेतु, भारत सरकार, नोडल एजेन्सी के जरिए, ऐसे देशों के निकायों/अभिकरणों को जो विशिष्ट प्रक्रिया के अनुसार, आई.आर.एस. आँकडों के अर्जन/वितरण में अभिरुचि रखते हैं, को लाईसेन्स प्रदान करेगी।

 क.(अं.वि. की) एन्ट्रिकस कार्पोरेशन लिमिटेड को भारत के बाहर आई.आर.एस. आँकडों के अर्जन/वितरण हेतु लाईसेन्स प्रदान करने के लिए आवेदन प्राप्त करने; सरकार की नीति के अधीन लाईसेन्स प्रदान करने के बारे में निर्णय लेने और सरकार की ओर से संभाव्य प्रयोक्ताओं के साथ लाईसेन्सिंग करार तय करने के लिए अधिकार प्राप्त है। वह लाईसेन्स प्रदान करने हेतु ऐसे शुल्क को लागू करने के लिए सक्षम होगी जैसा वह उचित समझे। वह जहाँ आवश्यक हो, लाईसेन्स द्वारा आवश्यक कोई सहायता/ मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए भी जिम्मेदार होगी।

 ख.सरकार की जब राय हो कि राष्ट्रीय सुरक्षा और/अथवा अन्तर्राष्ट्रीय दायित्व और/ अथवा सरकार की विदेश नीति की यह अपेक्षा है कि किसी देश में आई.आर.एस. आँकडों के प्रतिबिंबन कार्य और वितरण पर प्रतिबंध लगाया जाए तो वह उसका अधिकार रखती है ।

 4. सरकार, भारत में उपग्रह सुदूर संवेदन आँकडों के वितरण हेतु अपनाए जाने वाले निम्नलिखित मार्ग-निर्देशों को निर्धारित करती है:

 क.1मी. तक के विभेदन वाले सभी आँकडे गैर-भेदभाव पर आधारित और "अनुरोध के आधार" पर वितरित किए जायेंगे ।

 ख.राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों की रक्षा करने की दृष्टि से, 1 मी. से बेहतर के विभेदन वाले प्रतिबिंबों के सभी आँकडों का उचित अभिकरण द्वारा वितरण से पहले क्रमवीक्षण किया जाएगा; और निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण किया जाएगा :

 1.सरकारी प्रयोक्ता अर्थात्‌, मंत्रालय/विभाग/सार्वजनिक क्षेत्र/स्वायत्त निकाय/ सरकारी अनुसंधान एवं विकास संस्थान/सरकारी शैक्षिक/शैक्षणिक संस्थान, किसी और अनुमति के बिना आँकडे प्राप्त कर सकते हैं।

 2.विकासात्मक क्रियाकलापों के लिए सहायता करने हेतु कम-से-कम एक सरकारी अभिकरण द्वारा संस्तुत निजी क्षेत्र के अभिकरण, किसी और अनुमति के बिना आँकडे प्राप्त कर सकते हैं।

 3. अन्य निजी, विदेशी तथा अन्य प्रयोक्ता, वेब आधारित सेवा प्रदाता सहित, अंतर-एजेन्सी उच्च विभेदन प्रतिबिंब अनुमति प्रदाता समिति (एच.आर.सी.) से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात्‌ आँकडे प्राप्त कर सकते हैं ।

 4.किसी भी प्रयोक्ता द्वारा विशिष्ट अनुरोध पर संवेदनशील क्षेत्रों के आँकडे, एच.आर.सी. से अनुमति प्राप्त करने पर ही वितरित किये जा सकेंगे।

 5.1 मी. तथा बेहतर विभेदन वाले आँकडों के लिए विशेष बिक्री/ गैर-प्रकटन करार एन.आर.एस.सी. तथा प्रयोक्ता के बीच करार तय किया जाना ।

 5. यह नीति (आर.एस.डी.पी.-2011) तत्काल प्रवृत्त होती है और सरकार द्वारा समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी।