सुदूर संवेदन पर 38वां एशियाई सम्मेलन

सुदूर संवेदन पर 38वां एशियाई सम्मेलन (एसीआरएस-017) नई दिल्ली में 23-27, 2017 के दौरान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। सम्मेलन का विषय स्पेस एप्लिकेशन:टचिंग ह्यूमन लिवज था । यह संयुक्त रूप से एशियाई एसोसिएशन ऑफ रिमोट सेंसिंग (एएआरएस), इंडियन सोसाइटी ऑफ रिमोट सेंसिंग (आईएसआरएस) और इंडियन सोसाइटी ऑफ जीओमेटिक्स (आईएसजी) द्वारा आयोजित किया गया था और इसरो द्वारा सह-प्रायोजित किया गया था। एसीआरएस-017 एशिया और आसपास से विकसित और विकासशील देशों से छात्रों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नीति निर्माताओं, पेशेवरों और व्यवसायियों को एक साथ लाने के लिए मंच है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सुदूर संवेदन और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों की चुनौतियों और अवसरों के बारे में अंतर्दृष्टि को साझा करना है। इस सम्मेलन का उद्घाटन डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रधान मंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, अंतरिक्ष विभाग, परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार द्वारा किया गया। श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष, इसरो सम्माननीय अतिथि थे ।

अपने संबोधन में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रभावी प्रशासन के लिए अंतरिक्ष आधारित उपकरणों के सुदृढ़ उपयोग करने के लिए मंत्रालयों और सरकारी विभागों के साथ सहयोगी परियोजनाओं की शुरूआत करने में इसरो के प्रयासों को याद किया। उन्होंने हाल ही में प्रमोचित किए गए दक्षिण एशिया उपग्रह के माध्यम से पड़ोसी देशों के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के विस्तारित समर्थन पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इसरो मिशन न केवल पृथ्वी से संबंधित बल्कि पड़ोसी ग्रहों के बारे में और अधिक सटीक जानकारी प्रदान करने में सक्षम हैं। आम आदमी के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग देश के अंतरिक्ष मिशन का मुख्य उद्देश्य है। श्री ए एस किरण कुमार ने अपने संबोधन में प्रशासन, सामाजिक लाभ, जलवायु परिवर्तन और आपदा जोखिम में कमी और शमन में विभिन्न राष्ट्रीय विकास संबंधी अनिवार्यताओं के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न अनुप्रयोगों के बारे में विस्तार से बताया, जो सीधे किसानों, मछुआरों, छात्रों, नीति निर्माताओं जैसे नागरिकों के जीवन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।

एएआरएस, आईएसआरएस और आईएसजी के अध्यक्षों ने संबंधित सोसायटियों के योगदान पर अपने विचार साझा किए, इसके बाद इन सोसायटियों द्वारा प्रतिष्ठित व्यक्तियों को पुरस्कार प्रदान किया गया।

सम्मेलन के दौरान कुल 6 पूर्ण सत्र, 13 विशेष सत्र, 67 तकनीकी सत्र और 6 पोस्टर सत्र आयोजित किए गए थे। विभिन्न विषयों में 670 शोध पत्र मौखिक और पोस्टर सत्र में प्रस्तुत किए गए थे, जो हैं - उन्नत प्रतिबिंब प्रसंस्करण और डाटा विश्लेषिकी, जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभाव, सांस्कृतिक विरासत दस्तावेज, ईओ संवेदकों के कॉल/वॉल, आपदा और जोखिम में कमी, कृषि और मृदा, वन एवं पर्यावरण, वैश्विक कृषि मानीटरण पर भू अवलोकन समूह की पहल: एशियाई अनुभव, भूविज्ञान और खनिज अन्वेषण, स्वास्थ्य जीआईएस, उच्च विभेदन डेटा अनुप्रयोग, एवीआईआरआईएस-एनजी; एशिया में जलवायु परिवर्तन और प्रकृति एवं मानव क्रियाकलापों पर इसके क्षेत्रीय प्रभाव, भू-स्थानिक शिक्षा: पद्धति और मॉडल, नागरिक विज्ञान: पद्धति और अनुप्रयोग, शिक्षा के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म और पहुंच, ईओ उपग्रहों से फसल उत्पादकता, कृषि-मौसम से संबंधित ईओ उपग्रहों से सूचना, समुद्री भौमिकी और तटीय अध्ययन, निसार-नासा-इसरो संश्लेषी द्वारक रेडार, रात्री-समय प्रकाश प्रतिबिंब एवं अनुप्रयोग, समुद्री और वायुमंडलीय अध्ययन, ओपन सोर्स भू-स्थानिक, एसएआर ध्रुवणमापन: पद्धिति और अनुप्रयोग, शहरी और आधारिक संरचना ढांचा योजना और जल संसाधन प्रबंधन ।

सम्मेलन में पूर्ण सत्रों के दौरान वैज्ञानिक प्रस्तुतियां दी गई थीं। दुनिया भर के बहुविख्यात वक्ताओं अर्थात् प्रो डॉ. डीरेन ली (प्रोफेसर, वुहान विश्वविद्यालय), चीन; डॉ. क्रिश्चियन हिपेक (अध्यक्ष, आईएसपीआरएस), डॉ. ए एस किरण कुमार (अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग के सचिव, भारत सरकार); डॉ. सीन-चिया लिन (अल्बर्ट), एनएसपीओ, ताइवान; डॉ. सी सिलपथोंग, जीआईएसटीडीए, थाईलैंड; प्रो. जी एक्सिंगफा, आरएडीआई, चीन; डॉ एम अन्नादुराई, भारत, इसरो; डॉ. शिन-इची (टाकशिमा), सोब्यू, जेएक्सए, जापान; डॉ. सी.डी.एल्विज (एनओएए, यूएसए); डॉ. पी ए रोजेन, जेपीएल/सीआईटी, यूएसए; प्रो. एम.व्ही. मारेक, जीसीआरआई-सीएएस, चेक गणराज्य ने आमंत्रित व्याख्यन दिया । डॉ. के शिवन, निदेशक वीएसएससी ने भारत के अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली पर विक्रम साराभाई स्मारक व्याख्यान दिया। सौर ऊर्जा की संभावनाओं पर डॉ उपेंद्र त्रिपाठी (आईएसए, भारत) ने ऊर्जा क्षेत्र में आईएसए की उभरती भूमिका पर आईएसजी मिलेनियम व्याख्यान दिया गया था। इस सम्मेलन में कई पूर्व निदेशक और इसरो के गणमान्य वैज्ञानिक भी शामिल हुए।

सम्मेलन के अंतिम दिन "मानव जीवन में सुधार के लिए अकादमकी, उद्योग, वैज्ञानिक सोसायटी और अंतरिक्ष एजेंसियों इंटरफेस को मजबूत करना" पर पैनल चर्चा आयोजित की गई थी। एएआरएस, आईएसआरएस, इसरो और भारतीय उद्योगों के विशेषज्ञों ने विषय पर अपने विचार प्रदान किए। प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने सत्र को जीवंत और प्रभावी बनाया।

सम्मेलन के दौरान, वेब प्रतियोगिता भी आयोजित की गई और सर्वश्रेष्ठ वेब डेवलपर को सम्मानित किया गया। अंतिम सत्र के दौरान सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार भी दिए गए थे। 32 उद्योगों/संस्थानों ने सम्मेलन के दौरान आयोजित तकनीकी प्रदर्शनी में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों से संबंधित अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। सम्मेलन में दुनिया भर से 53 देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सम्मेलन दीपप्रज्वलन के साथ शुरू किया गया

सम्मेलन दीपप्रज्वलन के साथ शुरू किया गया

 

उद्घाटन सत्र के दौरान सभा को संबोधित करते हुए माननीय राज्य मंत्री पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह

उद्घाटन सत्र के दौरान सभा को संबोधित करते हुए माननीय राज्य मंत्री पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह

 

श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष इसरो द्वारा तकनीकी प्रदर्शनी का उद्घाटन

श्री ए एस किरण कुमार, अध्यक्ष इसरो द्वारा तकनीकी प्रदर्शनी का उद्घाटन