2.1 ए ओ चक्र

एस्‍ट्रोसैट का प्रचालन पूर्व-योजना के तहत किया जाता है यानि कि प्रस्‍तावक उनके पर्यवेक्षणों के क्रियान्‍वयन के दौरान मिशन/प्रचालन कॉम्‍प्‍लेक्‍स में उपस्थित नहीं होते हैं। अत: सभी पर्यवेक्षणों के पूर्ण विवरण पहले से ही दिए जाने चाहिए।

  • अक्‍तूबर 2016 से सितंबर 2017 तक ए ओ प्रस्‍तावों के क्रियान्‍वयन के पर्यवेक्षण समय की प्रतिशतता ~ 35%  है और इसे ए ओ चक्र कहा जाता है।
  • यह 35% समय भारत में वास करने वाले और भारतीय संस्‍थानों/विश्‍वविद्यालयों/कॉलेजों में काम करने वाले भारतीय वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं के लिए आरक्षित है। वे इच्‍छुक शोधकर्ता, वैज्ञानिक या मोटे तौर पर खगोल विज्ञान समूह के हो सकते हैं जो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध में रत हों और आवश्‍यक वैज्ञानिक तथा तकनीकी स्‍पष्‍टीकरण सहित विशेष लक्ष्‍य पर्यवेक्षणों के लिए प्रधान अन्‍वेषक (पी आई) के तौर पर प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने हेतु सक्षम हैं और साथ ही, अनुमोदन के आधार पर यदि लक्ष्‍य का पर्यवेक्षण किया जाए तो आंकड़ों का विश्‍लेषण कर पाएं।
  • एस्‍ट्रोसैट प्रयोक्‍ता समूह के विस्‍तार के लिए यह सिफारिश की जाती है कि जो गारंटी समय (GT) चक्र में प्रधान अन्‍वेषक के तौर पर प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करते हैं, वे ए ओ प्रस्‍तावों में प्रधान अन्‍वेषक के लिए अन्‍य खगोल वैज्ञानिकों को प्रोत्‍साहित करें। ए ओ चक्र के तहत यदि किसी विश्‍वविद्यालय, कॉलेज या अन्‍य संस्‍थान से प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने वाले कोई प्रस्‍तावक, आंकडा़ विश्‍लेषण या विज्ञान संबंधी मामलों में सहायता प्राप्‍त करने हेतु किसी भी नीतभार टीम से CO-I रखना चाहते हैं तो वे हैण्‍डबुक में दिए अनुसार नीतभार टीम प्रधान की सलाह से कर सकते हैं।
  • सभी चयनित ए ओ प्रस्‍ताव पर्यवेक्षण तालिका में शामिल किए जाएंगे। हालांकि, यदि प्रचालनगत आवश्‍यकता हो तो इस ए ओ चक्र में अनुमोदित कुछ पर्यवेक्षण उपरोक्‍त समय तालिका से बाहर रखे जाएंगे, जिसे एस्‍ट्रोसैट मिशन द्वारा उपलब्‍ध कराया जाएगा।
  • प्रस्‍तावकों से अनुरोध है कि वे किसी पर्यवेक्षण की आवृत्ति न करें और यदि आवृत्ति हो तो उसे निष्‍पादित पर्यवेक्षणों से स्‍पष्‍ट करें। प्रस्‍तावकों द्वारा मार्च 2016 – सितंबर 2016 के गारंटीकृत समय चक्र के तहत एस्‍ट्रोसैट नीतभार टीम का प्रयोग कर किए जा रहे/किए गए पर्यवेक्षणों के लिए सामग्रियों तथा उपकरण प्राचलों की सूची की जांच की जाती है। इन लक्ष्‍यों को समाकलित कर एक रेड बुक आई एस एस डी सी वेबसाइट पर उपलब्‍ध कराए जाने की योजना है। जो प्रस्‍तावक इन लक्ष्‍यों का पर्यवेक्षण करना चाहते है, उन्‍हें इस बात का स्‍पष्‍टीकरण देना होगा कि ऐसा करना क्‍यों आवश्‍यक है और इस प्रस्‍तावित पर्यवेक्षण से क्‍या अतिरिक्‍त सूचना प्राप्‍त होगी। खण्‍ड 4 भी देखें।
  • आवृत्तियों की जांच ए टी ए सी द्वारा वैज्ञानिक समीक्षा के तहत प्रस्‍तावों के संसाधन के दौरान की जाएगी।