दिसम्बर 18, 2014

क्रू माड्यूल वायुमंडलीय पुन:प्रवेश परीक्षण (सी.ए.आर.ई.)

क्रू माड्यूल (सी.एम.) का जी.एस.एल.वी. मार्क-III-X/सी.ए.आर.ई. मिशन के एक नीतभार के रूप में जाना जाता है। सी.ए.आर.ई. क्रू माड्यूल वायुमंडलीय पुन:प्रवेश परीक्षण का परिवर्णी है। मिशन का उपयोग, पैराशूट आधारित मंदन प्रणाली के निष्‍पादन की अर्हता सहित क्रू माड्यूल हेतु पुन:प्रवेश प्रौद्योगिकी की संभावनाओं की जांच के लिए एक प्‍लेटफार्म के रूप में किया जाएगा। सी.ए.आर.ई. से क्‍लस्‍टर संरूपण में ब्‍लंट निकाय पुन:प्रवेश वायूष्‍मागतिकी और पैराशूट प्रस्‍तरण को बेहतर ढ़ंग से समझना संभावित है।

 

क्रू मॉड्यूल का बाह्य संरूपण, जिसकी जी.एस.एल.वी.-मार्क-III में उड़ान जांच की जानी है, समानव डड़ान के समान है।

 

 

उद्देश्‍य:

  • क्रू माड्यूल का पुन:प्रवेश उड़ान प्रदर्शन
  • आद्यांत पैराशूट प्रणाली अर्हता
    • शीर्ष कवर के पृथक्‍करण का प्रदर्शन
    • पैराशूट प्रस्‍तरण का प्रदर्शन

क्रू मॉड्यूल (सी.एम.) 126 कि.मी. की तुंगता पर प्रमोचक राकेट से अलग होता है, लगभग 80कि.मी. पर पृथ्‍वी के वायुमंडल में पुन:प्रवेश कर प्रक्षेपिक माध्‍यम में नीचे उतरता है। 80कि.मी. के आगे सी.एम. ने अनियंत्रित पुन:प्रवेश मार्ग का अनुसरण कर अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह से करीब 180 कि.मी. की दूरी पर समुद्र में उतरता है जहां से इसे भारत के तट रक्षक गारद द्वारा पुन:प्राप्‍त किया जाता है।

प्रमोचक राकेट / Launch Vehicle: 
LVM-3/CARE Mission
निर्माता / Manufacturer: 
ISRO
स्‍वामी / Owner: 
ISRO
अनुप्रयोग / Application: 
Experimental