अक्टूबर 22, 2001

पीएसएलवी-सी3

पीएसएलवी-सी3 इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक रॉकेट की छठी उड़ान है। इस मिशन में, पीएसएलवी-सी 3 ने तीन उपग्रह प्रमोचित किए।
 
भारत का 1108 कि.ग्रा. भार वाला टीईएस (प्रौद्योगिकी परीक्षण उपग्रह) 
बेल्जियम का 94 कि.ग्रा. भार वाला पीआरओबीए (प्रॉजेक्‍ट फ़ॉर ऑनबोर्ड ऑटोनोमी)
जर्मनी का 92 कि.ग्रा. भार वाला बीआईआरडी (बाईस्‍पेक्ट्रल एंड इन्‍फ्रारेड रिमोट डिटेक्‍शन)
 
यह दूसरी बार है कि पीएसएलवी एक साथ तीन उपग्रहों का प्रमोचन कर रहा है; मई 1999 में इसके पिछले प्रमोचन में पीएसएलवी ने भारतीय आईआरएस-पी4, जर्मन डीएलआर-टबसैट और कोरियाई किटसैट को प्रमोचित किया था। जहाँ टीईएस और बीआईआरडी को 568 कि.मी. सूर्य-तुल्‍यकाली कक्षा में स्‍थापित किया जाएगा, वहीं तीसरे उपग्रह पीआरओबीए को 568 X 638 कि.मी. की दीर्घवृत्तीय कक्षा में स्‍थापित किया जाएगा, जिसकी उपलब्धि पीएसएलवी-सी3 के चतुर्थ चरण वाले अभिक्रिया नियंत्रक थ्रस्टरों के ज्वालन द्वारा संभव होगी। अन्‍य सभी भारतीय उपग्रह प्रमोचक रॉकेटों की तरह ही, पीएसएलवी-सी3 का प्रमोचन भारत के पूर्वी तट पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार से किया जाएगा।
 

अपने वर्तमान विन्‍यास में, 44.4 मी. ऊँचे, 294 टन भार वाले पीएसएलवी में चार चरण हैं जिनमें एकांतर रूप से ठोस और द्रव नोदक प्रणालियों का उपयोग होता है। प्रथम चरण विश्व के सबसे बड़े ठोस नोदक बूस्‍टरों में से एक है और यह 38 टन हाइड्रॉक्‍सिल टर्मिनेटेड पॉली ब्‍यूटडीन (एचटीपीबी) नोदक वहन करता है। इसका व्‍यास 2.8 मी. है। इसका मोटर आवरण मराजिंग स्‍टील से निर्मित है। बूस्‍टर लगभग 4430 किलो न्‍यूटन (केएन) अधिकतम थ्रस्ट विकसित करता है। छह स्‍ट्रैप-ऑन मोटर, जिनमें से चार को पृथ्‍वी पर प्रज्‍वलित किया जाता है, प्रथम चरण प्रणोद का संवर्धन करते हैं। इनमें से प्रत्‍येक ठोस नोदक स्‍ट्रैप-ऑन मोटर 9 टन एचटीपीबी आधारित नोदक वहन करते हैं और 677 केएन प्रणोद उत्‍पन्‍न करते हैं।

द्वितीय चरण स्‍वदेश निर्मित विकास इंजन प्रयोग में लाता है और 40 टन द्रव नोदक-असममिति डाइ-मिथाइल हाइड्राज़ीन (यूडीएमएच) को ईंधन के रूप में और नाईट्रोजन टेट्राक्‍साइड (एन2ओ4) को आक्‍सीकारक के रूप में वहन करता है। यह लगभग 724 केएन अधिकतम थ्रस्ट उत्‍पन्‍न करता है।

तीसरा चरण 7 टन के एचटीपीबी आधारित ठोस नोदक का उपयोग करता है और 324 केएन अधिकतम थ्रस्ट उत्पन्न करता है। इसका मोटर आवरण केवलर इपॉक्सी फाइबर का बना है। पीएसएलवी के चतुर्थ और टर्मिनल चरण में द्रव नोदक का प्रयोग करने वाले दोहरे इंजन का विन्यास है। 2 टन नोदक भारण (मोनो मिथाइल हाइड्राज़िन + नाइट्रोजन के मिश्रित आक्साइड) सहित, इनमें से प्रत्येक इंजन 7.4 केएन अधिकतम थ्रस्ट उत्पन्न करता है।

पीएसएलवी का 3.2 मी. व्यास वाला धात्विक बल्बनुमा ऊष्मा-कवच, आइसोग्रिड से निर्मित है तथा अंतरिक्ष यान को उड़ान की वायुमंडलीय अवस्था के दौरान परिरक्षित करता है। पीएसएलवी नियंत्रण प्रणाली में शामिल हैं

चरण नामावली नोदक नोदक भार (एल) थ्रस्ट (केएन) ज्वलन समय (से.) चरण विस्तार
व्यास (मी.) लं. (मी.)
1 पीएस1 + पीएसओएम 6 सं. ठोस एचटीपीबी आधारित 138 +
6 x 9
4430
6 x 677
108
45
2.8
1.0
2.0
11.3
2 पीएस 2 द्रव यूडीएमएच + एन2ओ4 40 724 162 2.8 12.5
3 पीएस 3 ठोस एचटीपीबी आधारित 7 324 76 2.0 3.6
4 पीएस 4 द्रव एमएमएच + एमओएन 2 2 x 7.4 421 2.8 2.6