जनवरी 10, 2007

पीएसएलवी-सी7

10 जनवरी 2007 में, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, श्रीहरिकोटा से अपनी दसवीं उड़ान के दौरान इसरो के धुवीय उपग्रह प्रमोचन यान, पीएसएलवी-सी7 ने सफलतापूर्वक चार उपग्रहों - भारत के कार्टोसैट -2 और अंतरिक्ष कैप्सूल पुनःप्राप्ति परीक्षण (एसआरई-1), इंडोनेशिया के लापान-ट्यूबसैट और अर्जेन्टीना के पेहुएनसैट-1 का 635 कि.मी. उच्च ध्रुवीय कक्षा में प्रमोचन किया। पहली बार, आगे-पीछे दो प्राथमिक उपग्रहों के समावेशन के लिए, पीएसएलवी में द्वय प्रमोचन अनुकूलक (डीएलए) का उपयोग किया गया।

अब तक आठ लगातार सफल उड़ानों के साथ पीएसएलवी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सबसे कार्योपयोगी प्रमोचन यान है। 1994 में इसके प्रथम सफल प्रक्षेपण के बाद से, पीएसएलवी ने सात भारतीय दूरसंवेदी उपग्रह, एक अव्यावसायिक रेडियो उपग्रह, हैमसैट और विदेशी ग्राहकों के लिए चार लघु उपग्रह, 550-800 कि.मी. उच्च ध्रुवीय एसएसओ में प्रमोचित किया है। इसके अलावा, यह भारत के विशिष्ट मौसमविज्ञानी उपग्रह, कल्पना-1 को भी भूतुल्यकाली अंतरण कक्षा (जीटीओ) में प्रमोचित कर चुका है। पीएसएलवी का उपयोग 2008 के दौरान भारत के चंद्र मिशन के लिए पहले अंतरिक्ष यान चंद्रयान-1 को प्रमोचित करने के लिए किया जाएगा।

44 मी. ऊँचे पीएसएलवी का उत्थापन भार 295 टन है। यह एक चार चरण वाला प्रमोचन यान है जिसमें पहले व तीसरे चरण और साथ ही साथ, छह स्ट्रैप-ऑन जो प्रथम चरण को घेरे हुए हैं, में एचटीपीबी आधारित ठोस नोदक का उपयोग किया गया है। पीएसएलवी का पहला चरण दुनिया में बृहद् ठोस नोदक बूस्टरों में से एक है। इसके दूसरे और चौथे चरण द्रव नोदक का उपयोग करते हैं।

पीएसएलवी का बल्बनुमा नीतभार फ़ेयरिंग का व्यास 3.2 मी. है। यान में उसके स्वास्थ्य और उड़ान की स्थिति के मॉनिटरन के लिए एस-बैंड दूरमिति तथा सी-बैंड प्रेषानुकर प्रणाली है। इसमें चरण व नीतभार फ़ेयरिंग पृथक्करण प्रणालियों जैसी परिष्कृत सहायक प्रणालियाँ भी मौजूद हैं।

पीएसएलवी को मूल रूप से 1.000 कि.ग्रा. वर्ग के भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रहों को 900 कि.मी. ध्रुवीय एसएसओ में स्थापित करने के लिए बनाया गया था। पीएसएलवी की नीतभार क्षमता को क्रमशः बढ़ाया गया और मई 2005 में अपनी अंतिम उड़ान में पीएसएलवी-सी6 ने दो नीतभार - एक 1,560 कि.ग्रा. कार्टोसैट-1 और 42 कि.ग्रा. हैमसैट को 620 कि.मी. एसएसओ में प्रमोचित किया। पिछली उड़ान पीएसएलवी-सी6 की तुलना में पीएसएलवी-सी7 में कुछ संशोधनों को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:

  • द्वि प्रमोचन अनुकूलक का उपयोग
  • चौथे द्रव नोदक चरण (पीएस4) में नोदक को 2.5 टन से 2 टन तक घटाना
  • पीएसएलवी चतुर्थ चरण नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स में अपरिवर्तन
  • नीतभार और डीएलए पृथक्करण घटनाओं के प्रग्रहण के लिए वीडियो प्रतिबिंबन प्रणाली का समावेश
  • विवृत पाश निर्देशन के दौरान प्रमोचन दिवसीय तुंगता आधारित पवन अभिनत संचालन कार्यक्रम
  • वायु में प्रज्वलित एक स्ट्रैप-ऑन के लिए द्वितीयक अंतःक्षेपक थ्रस्ट सादिश नियंत्रण (एसआईटीवीसी) प्रणाली का उच्छेदन
  • पीएसएलवी प्रथम चरण एसआईटीवीसी अंतःक्षेपण में 500 कि.ग्रा. की कमी
पीएसएलवी चरण की एक झलक
 
चरण-1
चरण-2
चरण-3
चरण-4
नामावली
कोर (पीएस1) + छह स्ट्रैप-ऑन (पीएसओएम)
पीएस2
पीएस3
पीएस4
नोदक
ठोस एचटीपीबी आधारित
द्रव यूएच25+एन2ओ4
ठोस एचटीपीबी आधारित
द्वि-नोदक एमएमएच + एमओएन-3
भार (टन)
138.0 + 6 x 9.0
41.5
7.6
2.0
अधिकतम प्रणोद (केएन)
4762.0
6 x 645
800
246
7.3X2
ज्वलन समय (सेकंड)
101
44
147
104
406
चरण व्यास (मी.)
2.8
1.0
2.8
2.0
2.8
चरण लंबाई (मी.)

20
10

12.8
3.6
2.9
नियंत्रण
अक्षनमन और पार्श्ववर्तन के लिए एसआईटीवीसी, लोटन के लिए प्रतिक्रिया नियंत्रक प्रणोद, लोटन नियंत्रण संवर्धन के लिए एक पीएसओएम में एसआईटीवीसी
अक्षनमन और पार्श्ववर्तन के लिए इंजन गिम्बल, लोटन नियंत्रण के लिए तप्त गैस प्रतिक्रिया नियंत्रक मोटर
अक्षनमन और पार्श्ववर्तन के लिए फ़्लेक्स नोज़ल, लोटन के लिए पीएस4 आरसीएस
अक्षनमन, पार्श्ववर्तन और लोटन के लिए इंजन गिम्बल, कोस्ट चरण नियंत्रण के लिए ऑन-ऑफ़ आरसीएस